December 2, 2022

World History in Hindi – मिस्र की सभ्यता के नोट्स

World History in Hindi – मिस्र की सभ्यता के नोट्स

WORLD HISTORY PART-1

World Famous War List in Hindi

विश्व की प्रमुख सभ्यताएं

मिस्र की सभ्यता

यह सभ्यता प्राचीन विश्व की अति विकसित सभ्यता थी इस सभ्यता ने विश्व की अनेक सभ्यताओं को पर्याप्त रूप से प्रभावित किया है इस सभ्यता का आंरभ धारा 3400 ई. पूर्व में हुआ| मिस्र को नील नदी की देन कहा गया है मित्र के बीच नील नदी बहती है जो मिस्त्र की भूमि को उपजाऊ बनाती है|

 

मिस्र के राजाओं को फराओं कहा जाता है| उसे ईश्वर का प्रतिनिधि तथा सूर्य देवता का पुत्र माना जाता है| मरणोपरांत राजा के शरीर को पिरामिड नामक मंदिर में सुरक्षित कर दिया जाता था|पिरामिड को बनाने का श्रेय है फराओ जोसर वजीर इम्होटेप को है| मृतकों के शवों को सुरक्षित रखने के लिए शवों पर रासयनिक द्रव्यों का लेप लगाया जाता था| ऐसे मृतक शरीर को मम्मी कहा जाता है| 

 

शिक्षा के क्षेत्र में सर्वप्रथम व्यवस्थित विद्यालय का प्रयोग यही हुआ था और यहीं से प्रचलित हुआ| कैलेंडर सर्वप्रथम यही तैयार हुआ सूर्य घड़ी एवं जल घड़ी का प्रयोग भी सर्वप्रथम यही हुआ| यूनानी भाषा में मोसोपोटामिया कार नदियों के बीच की भूमि होता है| यह सभ्यता दजला एवं फरात नदियों के बीच के क्षेत्र में विकसित हुई| भारत में प्रथम नगरीय सभ्यता का प्रतिनिधित्व करने वाली हड़प्पा सभ्यता के समकालीन थी| प्राचीन काल में दक्षता एवं फरात के बिल्कुल दक्षिण भाग को सुमेर कहा जाता था| मेसोपोटामिया की सभ्यता का विकास सर्वप्रथम सुमेर प्रदेश में हुआ|

 

सुमेरिया की सभ्यता

सुमेरियनों ने एक बड़े ही सुसगठित राज्य की स्थापना के लिए प्रदेश राज्य का एक राजा था जिसे पुरोहित या प्पतेशी कहा जाता था| धर्म एवं मंदिरों का विशिष्ट स्थान था| देव मंदिरों की जिगुरत कहा जाता था| रजा ही मंदिर का सबसे बड़ा पुरोहित होता था| सुमेरियनों की महत्वपूर्ण देन लेखन कला है उन्होंने एक लिपि का आविष्कार किया, जिसे कालिकर लिपि कहा जाता है| इसे तेज नोक वाली वस्तु से मिट्टी की पट्टियों पर लिखते है| 

 

बेबिलोनिया का सभ्यता 

सुमेरियन लोगों ने जिस सभ्यता का निर्माण कीया उसी के आधार बेबोलेनिया की सभ्यता का विकास हुआ| बेबिलोनिया का प्रसिद्ध शासक ह्म्बुराबी था| जो एमोरयिट राजवंश का था| ह्म्बुराबी की सबसे बड़ी देन कानूनों की सहिता है| ह्म्बुराबी विश्व का पहला शासक थाजिसने सर्वप्रथम कानूनों का संग्रह कराया| 

 

असीरिया की सभ्यता
ह्म्बुराबी के शासन काल में यह बेबिलोनिया का सांस्कृतिक उपनिवेश था| असीरिया की सबसे बड़ी देन उसकी शसन प्रणाली है| असुर देवता राज्य का स्वामी माना जाता था| तथा राजा उसके प्रतिनिधि के रूप में शसन करता था| भवन निर्माण कला तथा चित्रकला में असीरिया ने काफी उन्नति की| नीव में पकी इंटों का तथा दीवारों में धुप में सुखाई गयी इंटों का प्रयोग किया जाता था| 

 

चीन की सभ्यता 

ह्वांग-हो नदी की घाटी में प्राचीन चीन की सभ्यता की विकास हुआ| यह स्थान चीन के उतरी क्षेत्र में स्थित है| यह विश्व के अत्याधिक उपजाऊ क्षेत्र में से एक है| इसे चीन का विशाल मैदान कहा जाता है| ह्वांग- हो नदी को पीली नदी भी कहते हैं इसलिए चीन की प्राथमिक सभ्यता को पीली नदी घाटी सभ्यता भी कहा जाता है ताकि पाई का आविष्कार चीन की देन है| भूकंप का पता लगाने वाले यंत्र सीस्मोग्राफ का आविष्कार चीन वासियों ने किया था| रेशम ह्ल्के वस्त्रों का निर्माण एवं प्रयोग सर्वप्रथम चीन में हुआ था|

 

यूनान की सभ्यता

यूनान की सभ्यता को यूरोपीय सभ्यता का उद्गम स्थल माना गया है| कृट की सभ्यता प्राचीन यूनानी सभ्यता की जननी कही जाती है| कृट की राजधानी नमौस थी| 1200 ई.पु. आर्यों की डोरियन शाखा ने यूनान में प्रवेश कर वहाँ अपना प्भुत्व जमा लिया| यूनान को हेल्स भी कहा जाता है| इसलिए उसकी पुरानी सभ्यता हेलनिक सभ्यता भी कहलाती है| पर्वतीय प्रदेश होने के कारण यूनान छोटे-छोटे राज्यों में विभक्त हो गया| राज्यों में स्पार्टा और एथेंस अधिक प्रभावशाली थे| 

 

रोम की सभ्यता

रोम की सभ्यता का विकास यूनानी सभ्यता के आकर्षण के बाद हुआ| रोमन सभ्यता का केंद्र रोम था जो इटली में स्थित है| यह यूनानी सभ्यता से प्रभावित थी| इटली में उन्नत सभ्यता को विकसित करने का श्रेय एक अनार्य जाती को है|जुलियिर सीजर रोम के सम्राज्य का बिना ताज का बादशाह था| इसकी गणना विश्व के सर्वश्रेष्ठ सेनापतियों में की जाती है| ऑगस्टस (31-14 ई.पु.) का काल रोमन सभ्यता का स्वर्ण काल माना जाता है|

 

पुनर्जागरण

पुनर्जागरण का आरम्भ इटली के फ्लोरेंस नगर से माना जाता है| इटली के महान कवी दांते को पुनर्जागरण का अग्रदूत कहा जाता है| इन्होने इटली की बोलचाल भाषा में टस्कन में डीवायींन कॉमेडी की रचना की| दांते के बाद पुनर्जागरण की भावना का पश्र्य देने वाला दूसरा व्यक्ति पेट्रोक (1304 – 1367) था|

 

द प्रिंस के रचयिता मैकियावेली को आधुनिक विश्व का प्रथम राजनितिक चिंतक माना जाता है| द लास्ट जजमेंट  एवं द फाल of मैन माईकल एन्जिलों की कृतिया है| पुर्जागरण काल में चित्रकला का जंक जियावो को माना जाता है| पुर्जागरण काल का सर्वश्रेष्ठ निबन्धकार इंग्लैण्ड का फ्रांसिस बेकन था| मार्टिन लूथर ने जर्मन भाषा में बाईबल का अनुवाद प्रस्तुत किया हिया| इंग्लैण्ड के रोजर बेकन को आधुनिक प्रयोगात्मक विज्ञानं का जन्मदाता माना जाता है| 

 

धर्म सुधार आंदोलन

सर्विस ताप्ती में जर्मनी के मार्टिन लूथर के नेतृत्व में एक महान धर्म सुधार आंदोलन की शुरुआत हुई| जिसने पोप वह कैथोलिक चर्च की निरकुंशसत्ता को सीधी चुनौती दी| इस विद्रोह के परिणाम स्वरूप प्रोटेसटेवाद  की उत्पत्ति हुई| धर्म सुधार आंदोलन में धर्म के मूल स्वरूप के लिए कोई चुनौती नहीं दी थी| विरोध केवल व्यवहार एवं कार्यव्न्त का था| किसी ने भी ईसा मसीह बाईबल आदि  में अनाश्ता प्रकट नहीं की थी|

 

इंग्लैंड की गौरवपूर्ण क्रांति

इंग्लैंड में 1642 से 16 49 ईसवी तक 7 वर्षीय गृह युद्ध हुआ| गृहयुद्ध के पश्चात चार्ल्सप्रथम को फांसी दे दी गई तथा चार्ल्सद्वितीय को राजा बनाया गया| चार्ल्स द्वितीय की निरपेक्षता से जनमत उसके विरुद्ध हो गया| परिणामस्वरूप इंग्लैंड में गौरवपूर्ण क्रांति 1688 ई. में हुयी|

 

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Hello दोस्तों मेरा नाम तापेंदर ठाकुर है। मैं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से Post Graduate हूँ। मैं एक ब्लॉगर और यूट्यूबर हूँ। इस वेबसाइट के माध्यम से आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में सहायता मिलेगी | आप सबका मेरी वेबसाइट में आने का बहुत धन्यवाद।

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