नई शिक्षा नीति पर निबंध 2021-New Education Policy Essay in 500 words

New Education Policy Essay

29 जुलाई 2020 को मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा नई शिक्षा नीति की घोषणा की गई, जो 34 साल पुरानी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 को प्रस्थापित करेगी| नई शिक्षा नीति के निर्माण के लिए जून 2017 से पूर्व ‘इसरो’ के प्रमुख के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था| इस समिति ने मई 2019 को ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ का मसौदा तैयार किया था|

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भारत की पहली शिक्षा नीति 1968 में इंदिरा गांधी की सरकार में आई थी, जिसका सुझाव कोठारी आयोग ने दिया था

– दूसरी शिक्षा नीति 1986 में राजीव गांधी के प्रधानमंत्री काल में आई थी. जिसके तहत शिक्षा के 10+2+3  मॉडल को अपनाया गया था|

– 1992 में पीवी नरसिम्हा राव ने दूसरी शिक्षा नीति में संशोधन किया था|

– नई शिक्षा नीति 2020 :  परीक्षा उपयोगी कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

– राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 वर्ष 1968 और 1986 के बाद स्वतंत्र भारत की तीसरी शिक्षा नीति होगी|

– मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है| रमेश पोखरियाल निशंक अब शिक्षा मंत्री कहलाएंगे|

– नई शिक्षा निति के तहत वर्तमान में सक्रिय 10+2 के शैक्षिक मॉडल के स्थान पर 5+0+3+4 मॉडल लागू किया जायेगा| 

– आप स्कूल के पहले 5 साल की पढ़ाई को ऑपरेशन स्टेज मानी जाएगी, जिसमें प्री-प्राइमरी स्कूल के 3 साल और पहली दूसरी कक्षा के 2 साल शामिल होंगे| अगले 3 साल का स्टेज कक्षा 3 से 5 तक की होगी| इसके बाद 3 साल का मिडल स्टेज यानी कक्षा 6 से 8 के अंतिम 4 साल का स्टेज कक्षा 9 से 12वीं तक रहेगी|

– नवी कक्षा से ही विषय चुनने की आजादी होगी|

– शिक्षण के माध्यम से पांचवी कक्षा तक मातृभाषा स्थानीय भाषा या क्षेत्रीय भाषा का इस्तेमाल किया जाएगा|

– छठी कक्षा से वोकेशनल कोर्स को शुरू किए जाएंगे|

– नई शिक्षा नीति के अनुसार शोध करने वाले छात्रों के लिए स्नातक डिग्री को अब 4 वर्ष कर दिया गया है|

– नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक पाठ्यक्रम के छात्र 3 या 4 वर्ष के साथ कार्यक्रम में कई स्तरों पर पाठ्यक्रम छोड़ सकेंगे| जैसे पहले वर्ष में कोर्स छोड़ने पर प्रमाण पत्र, दूसरे वर्ष में छोड़ने पर डिप्लोमा, तीसरे वर्ष में कोर्स छोड़ने पर डिग्री एवं अंतिम अर्थात चौथे वर्ष के कोर्स छोड़ने पर तिथि पर शोध के साथ स्नातक का प्रावधान है|

– नई शिक्षा नीति में एमफिल कोर्स को समाप्त कर दिया गया है|

– अब 4 साल की स्नातक डिग्री प्रोग्राम के बाद सीधे पीएचडी कर सकते हैं, एम फिल करने की जरूरत नहीं होगी|

– स्कूल से दूर रहे दो करोड़ बच्चों को मुख्यधारा में लाया जाएगा|

– नई शिक्षा नीति मैं शिक्षा पर GDP का 6% खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है, जो वर्तमान में 4.43% है|

– नई शिक्षा नीति के तहत वर्ष 2003 तक स्कूली शिक्षा में 100%  जीईआर (GROSS EMROLMENT RATIO) तेजी के साथ माध्यमिक स्तर पर ‘एजुकेशन फॉर ऑल’ का लक्ष्य रखा गया है|

– उच्च कक्षा में  जीईआर (GROSS EMROLMENT RATIO) वर्ष 2035 तक 50% करने का लक्ष्य रखा गया है|

– उच्च शिक्षा में 3. 5 करोड़ नई सीटें जोड़ी जाएगी|छात्रों के प्रगति के मूल्यांकन के लिए मानक निर्धारक निकाय के रूप में परख (PARAKH) नामक एक नए राष्ट्रीय आकलन केंद्र की स्थापना की जाएगी|

– नई शिक्षा नीति का लक्ष्य है, 2030 तक 3 से 18 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्ता शिक्षा को प्रदान करना है|

– UGC, ACTC, NCTE को हटाकर HIGHER EDUCATION COMMISION of INDIA निर्माण किया जायेगा| 

– नई शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाला प्रथम राज्य हिमाचल प्रदेश है|

 

राफेल : परीक्षापयोगी कुछ जरूरी तथ्य 

– राफेल एक उन्नत किसम का फाइटर प्लेन है, जिसे फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन कंपनी ने बनाया है|

– भारत और फ़्रांस के बीच 36 राफेल विमानों के लिए 59000 करोड रुपए में समझौता वर्ष 2016 में हुआ था|

– पहले खेत के पांच राफेल विमान फ्रांस के मेरीनेक एयरबेस से उड़ान भरकर 29 जुलाई 2020 को भारत के हरियाणा के अंबाला एयरवेज पर पहुंच गए हैं|

– फ़्रांस के उड़ान भरने के 7 घंटे बाद राफेल की पहली लैंडिंग यूएई की दफरा एयरबेस पर हुयी|

– भारत को मिले राफेल फाइटर प्लेन 4.5 पीढ़ी के हैं|

– फ़्रांस से राफेल खरीदने वाला पहला देश इजिप्ट है|

भारत राफेल पाने वाला विश्व का चौथा देश है|

– राफेल में उड़ान भरने वाले पहले भारतीय पायलट हिलाल अहमद है| 

– राफेल में उड़ान भरने वाले पहले भारतीय महिला पायलट शिवांगी है|

– भारत आने वाले राफेल का नेतृत्व वर्ष 2009 ने शौर्य चक्र से सम्मानित गुप्त कैप्टन हरकीरत सिहं ने किया| 

– वर्तमान ने फ़्रांस इजिप्ट कतर एवं भारत के पास राफेल विमान है|

– राफेल की भार वहन क्षमता 9500 किलोग्राम है, और यह अधिकतम 24500 किलोग्राम तक के वजन के साथ 60 घंटे उड़ान भरने में सक्षम है|

– राफेल में प्रयोग होने वाले तीन मिसाईल है- सकल्प मिसाईल, मिटियर मिसाईल तथा हैमर मिसाईल |

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Hello दोस्तों मेरा नाम तापेंदर ठाकुर है। मैं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से स्नातक Post Graduate हूँ। मैं एक ब्लॉगर और यूट्यूबर हूँ। इस वेबसाइट के माध्यम से आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में सहायता मिलेगी | आप सबका मेरी वेबसाइट में आने का बहुत धन्यवाद।

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