November 30, 2022

Light chapter for Competitive Exams in hindi – भौतिक विज्ञान

Light chapter for Competitive Exams in hindi

Earth in the solar system in hindi-सौरमंडल के बारे में जानकारी{पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा}

प्रकाश

प्रकाश एक प्रकार की उर्जा है, जो विद्युत् चुम्बकीय तरंगों के रूप में संचरित होती है| वायु तथा निर्वात में प्रकाश की गति सबसे अधिक (3 x 10 सें.मी.) होती है|

प्रकाश का फोटान सिंद्धात :  प्रकाश विद्युत् प्रभाव एवं कॉम्पटन सिंद्धात की व्याख्या आइस्टीन द्वारा प्रतिपादित प्रकाश के फोटान सिंद्धात द्वारा की जाती है| इस सिंद्धात के अनुसार प्रकाश ऊर्जा जे छोटे-छोटे बंडलों या पैकटों के रूप में चलता है जिन्हें फोटान कहते है|

प्रकाश को सूर्य से पृथ्वी तक आने में 8 मिनट 19 सेकंड का समय लगता है|

प्रकाश का विवर्तन : प्रकाश को अवरोध के किनारों पर थोडा मुड़कर उसकी छाया नें प्रवेश करने की घटना की विवर्तन कहते है|

प्रकाश का प्रकीर्णन : जब प्रकाश किसी ऐसे माध्यम से गुजरता है, जिसमें धुल तथा अन्य पदार्थों के अत्यंत सूक्ष्म कण होते है, तो इनके द्वारा प्रकाश सभी दिशाओं में प्रसारित हो जाता है| इस घटना की प्रकाश का प्रकीर्णन कहा जाता है| बैंगनी रंग प्रकाश का प्रकीर्णन सबसे अधिक तथा लाल रंग के प्रकाश का प्रकीर्णन सबसे कम होता है|

light chapter for competitive exams in hindi

आकाश का रंग नीला रंग प्रकीर्णन के कारण होता है|

प्रकाश का परावर्तन : प्रकाश के चिकने पृष्ठ से टकराकर वापस लौटने की घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते है| परावर्तन के दो नियम है-

(i)आपतित किरण, आपतित बिंदु पर अभीलंब व् परावर्तित किरण एक ही तल ही होते है|

(ii)आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर कोण होता है|

समतल दर्पण में किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही उतने ही दुरी पर बनता है, जितनी दुरी पर वस्तु दर्पण के आगे रखी होती है| यह प्रतिबिम्ब काल्पनिक,वस्तु के बराबर एवं पाशर्व उल्टा बनता है|

गोलीय दर्पण दो प्रकार के होते है-

(i)अवतल दर्पण       (ii)उतल दर्पण

(i)अवतल दर्पण: जिस गोलीय दर्पण का परावर्तन तल धंसा रहता है, उसे अवतल दर्पण कहते है| अवतल दर्पण को अपसारी दर्पण भी कहा जाता है क्योंकि यह अनंत से आने वाली किरणों की फैलता है| अवतल दर्पण के उपयोग –- बड़ी फोकस वाला अवतल दर्पण दाढ़ी बनाने में काम आता है|

– आँख, कान एवं नाक के डॉ. के द्वारा उपयोग में लाया जाने वाला दर्पण|

– गाडी के हेडलाईट एवं सर्चलाईट में

– सोलर कुकर में|

(ii) उतल दर्पण: जिस गोलीय दर्पण की परावर्तक सतह उभरी रहती है, इस उतल दर्पण कहा जाता है| उतल दर्पण को अभिसारी दर्पण भी कहा जाता है| क्योंकि यह अनंत से आने वाली किरणों को सिकोड़ता है|

-मोटरवाहन में चालक के बगल में पृष्ठ दृश्य दर्पण लगाया जाता है|

-सड़क लगे परावर्तक लैम्पों में उतल दर्पण का प्रयोग किया जाता है| विस्तार क्षेत्र अधिक होने के कारण ये प्रकाश को अधिक क्षेत्र फैलाते है|

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Hello दोस्तों मेरा नाम तापेंदर ठाकुर है। मैं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से Post Graduate हूँ। मैं एक ब्लॉगर और यूट्यूबर हूँ। इस वेबसाइट के माध्यम से आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में सहायता मिलेगी | आप सबका मेरी वेबसाइट में आने का बहुत धन्यवाद।

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