India Bangladesh Friendship Pipeline | भारत बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन

India Bangladesh Friendship Pipeline

आपका हमारी website में स्वागत है| आज की यह पोस्ट आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होने वाली है| आज की Hamari Post India Bangladesh Friendship Pipeline | भारत बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन के बारे में है, जो आपके आने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है| इसमें कुछ प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाएंगे, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के बहुत जरूरी है|

India Bangladesh Friendship Pipeline  भारत बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन
India Bangladesh Friendship Pipeline भारत बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन

India Bangladesh Friendship Pipeline

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सिलीगुड़ी एवं पार्वतीपुर को जोड़ने वाली भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन परियोजना (आईबीएफपीपी) के प्रगति की समीक्षा की।

पाइपलाइन परियोजना के बारे में (खबरों में क्यों?)

-2018 में हुए समझौते के बाद शुरू हुई यह एक पाइपलाइन परियोजना है, जो भारत और बाग्लादेश को अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को एकीकृत करने में सक्षम बनाती है।

-इसकी लागत ₹346 करोड़ रूपया है, जो पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी और बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के पार्वतीपुर को जोड़ेगी।

-इसके जरिए असम स्थित नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) के ईंधन को,सिलीगुड़ी मार्केटिंग टर्मिनल के माध्यम से बांग्लादेश निर्यात किया जाएगा।

-बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले में स्थित बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसी) के पार्वतीपुर डिपो को पर्यावरण के अनुकूल तेल प्राप्त होगा |

-यह 130 किमी लंबा पाइपलाइन है, जिसे भारत से बांग्लादेश तक डीजल के परिवहन के लिए तैयार किया गया है।

-तेल पाइपलाइन की परिवहन क्षमता एक मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी।

-इस पाइपलाइन से न केवल बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत होने के साथ-साथ इसके और सक्रिय होने की भी उम्मीद है।

-यह परियोजना बांग्लादेश की ऊर्जा जरूरतों को सस्ती दरों पर पूरा करने में मदद करेगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top